कवर्धा में 7 करोड़ के धान शॉर्टेज पर सियासत गर्म, जोगी कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन ! संग्रहण केंद्र में चूहे खोजकर जताया विरोध, अमित जोगी ने मांगी CBI जांच

कवर्धा। कवर्धा जिले में सामने आए करीब 7 करोड़ रुपए से अधिक के धान शॉर्टेज मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस के बाद अब जोगी कांग्रेस (जेसीसीजे) भी खुलकर मैदान में उतर आई है। जोगी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को धान संग्रहण केंद्र पहुंचकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान जोगी कांग्रेस कार्यकर्ता बाजार चारभाठा स्थित धान संग्रहण केंद्र पहुंचे और परिसर में प्रतीकात्मक रूप से “चूहे खोजते” नजर आए। कार्यकर्ताओं ने यह प्रदर्शन प्रशासन के उस तर्क के विरोध में किया, जिसमें धान की भारी कमी के लिए चूहे और दीमक को जिम्मेदार ठहराया गया है।
‘चूहे-दीमक 7 करोड़ का धान नहीं खा सकते’
मीडिया से बातचीत में अमित जोगी ने कहा कि जिला प्रशासन की नाक के नीचे इतने बड़े पैमाने पर धान का गायब होना बेहद गंभीर मामला है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रशासन की बात मान ली जाए तो चूहे और दीमक मिलकर करोड़ों रुपए का धान खा गए, जो किसी भी तरह से संभव नहीं है। यह साफ तौर पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला है।
CBI जांच की मांग
अमित जोगी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है और इसकी CBI से जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, जो संदेह को और गहरा करता है।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
धान संग्रहण केंद्र में प्रदर्शन के बाद अमित जोगी अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए धान शॉर्टेज मामले की CBI जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
जोगी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि
“छत्तीसगढ़ में चूहे के बहाने जनता को चूना लगाया जा रहा है।”
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और संबंधित मंत्रियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह घोटाला सरकार के संरक्षण में हुआ है।
अमित जोगी ने चेतावनी दी कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी और दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, तब तक जोगी कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।



